रंगों की चाहत सबको होती है और प्रकृति में बेशुमार रंग भरे हैं रंगों की चाहत सबको होती है और प्रकृति में बेशुमार रंग भरे हैं
बेइंतेहा मोहब्बत करने की गुस्ताखी की है हमने, तुझे खुद से भी ज्यादा चाहने की कोशिश की बेइंतेहा मोहब्बत करने की गुस्ताखी की है हमने, तुझे खुद से भी ज्यादा चाहने की ...
भूख प्यास लाचारगी और गरीबी की कोई जात नहीं होती है, भूख प्यास लाचारगी और गरीबी की कोई जात नहीं होती है,
जीने की कोई चाहत नहीं होती है, तेरे बिन ज़िन्दगी में कोई आहट नहीं होती है। यूँ न तो जीने की कोई चाहत नहीं होती है, तेरे बिन ज़िन्दगी में कोई आहट नहीं होती है। ...
तवायफी रिवाज को तुम इस दुनिया से मिटाओ औरत को समाज में बराबर की इज्जत दिलाओ। तवायफी रिवाज को तुम इस दुनिया से मिटाओ औरत को समाज में बराबर की इज्जत दिलाओ।
चाहत दिल सांसों धड़कन से निकली निःशब्द निस्वार्थ आवाज़।। चाहत दिल सांसों धड़कन से निकली निःशब्द निस्वार्थ आवाज़।।